Home : Books & Magazine :: E-Magzine उफ़ ! फिर से ये वक्री ग्रह

October - 2021

उफ़ ! फिर से ये वक्री ग्रह


इस अंक में आप पाएंगे -  पुष्य नक्षत्रों का राजा परन्तु वैवाहिक कार्यों के लिए अभिशप्त, जप स्थान, कन्याकुमारी की देवी कुमारी कन्या, महाराजा सवाई जयसिंह, विष्णु सहस्त्रनाम के द्वारा कष्टों का उपचार, पक्षियों का आत्मघात, मृत प्राय हो गई कुछ परम्पराएँ, सर्वार्थसिद्धि एवं अमृतसिद्धि योग, उफ़ ! फिर से ये वक्री ग्रह, विवाह से पूर्व विचारनीय बातें, ग्रह - दोष निवारण, मानव जीवन की समस्यओं से कारण और उनका निर्धारण, राष्ट्र का कल्याण करेगा, गुरु का आरोही क्रम, रेकी साथ ही इस इस अंक में कई ऐसे लेख और स्थाई स्तम्भ है जो इस अंक को आकर्षक बनाते है जैसे - ब्रह्मा क्यों नहीं पूजे जाते, गृह - महिमा, वास्तुशास्त्र की कुछ प्रसिद्द भ्रान्तियाँ, भूत-प्रेत-पितर-पिशाच, देवताओं के गुरु बृहस्पति आपके विशेष लाभ कब देंगे, जन्म समय - शोधन के सिद्धांत, पुनर्जन्म और विकासवाद, द्वारका धाम आदि


विषय सूचि

पुष्य नक्षत्रों का राजा परन्तु वैवाहिक कार्यों के लिए अभिशप्त
जप स्थान
कन्याकुमारी की देवी कुमारी कन्या
महाराजा सवाई जयसिंह
विष्णु सहस्त्रनाम के द्वारा कष्टों का उपचार
पक्षियों का आत्मघात
मृत प्राय हो गई कुछ परम्पराएँ
सर्वार्थसिद्धि एवं अमृतसिद्धि योग
उफ़ ! फिर से ये वक्री ग्रह
विवाह से पूर्व विचारनीय बातें
ग्रह - दोष निवारण
मानव जीवन की समस्यओं से कारण और उनका निर्धारण
राष्ट्र का कल्याण करेगा, गुरु का आरोही क्रम
रेकी
ब्रह्मा क्यों नहीं पूजे जाते ?
गृह - महिमा
वास्तुशास्त्र की कुछ प्रसिद्द भ्रान्तियाँ
भूत-प्रेत-पितर-पिशाच
देवताओं के गुरु बृहस्पति आपके विशेष लाभ कब देंगे ?
जन्म समय - शोधन के सिद्धांत
पुनर्जन्म और विकासवाद
द्वारका धाम

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