होम : लेख :: जानें- कैसे बदल सकता है वास्तु आपके भाग्य को

जानें- कैसे बदल सकता है वास्तु आपके भाग्य को

08-02-2016 Page : 1 / 1

जानें- कैसे बदल सकता है वास्तु आपके भाग्य को<br>

वास्तु द्वारा कदापि अपना भाग्य नहीं बदल सकते लेकिन ईश्वर ने मनुष्य को कर्मशील बनाया है एवं कर्म करने से वह अपने दु:खों को कम अवश्य कर सकता है। इसी प्रकार वास्तु दोष निवारण द्वारा अपने दु:ख अवश्य कम किये जा सकते हैं, लेकिन पूर्णतया दोष निवारण हो जाए, यह मुमकिन नहीं।

आम मनुष्य कैसे जाने कि घर वास्तु के अनुकूल है या नहीं? यदि किसी स्थान में प्रवेश करने से पहले, या वर्तमान आवास में साज-सज्जा, या काम करवाने से पहले कारोबार ठीक चलता था या शांति रहती थी और केवल स्थान परिवर्तन के बाद कारोबार नीचे गिर रहा हो या घर में शांति नहीं रहती हो, जबकि पूर्ण लगन और क्षमता से कार्य कर रहे हों तो इसका तात्पर्य है कि स्थान में वास्तु दोष है। अपनी जन्मकुंडली से भी जान सकते हैं कि ग्रह अनुकूल हैं, या नहीं। यदि ग्रह अनुकूल होने पर भी सफलता नहीं मिल रही है, तो अपने घर का वास्तु किसी वास्तु शास्त्री से अवश्य ठीक करवाएं। 

क्या वास्तु द्वारा घर की दरिद्रता दूर की जा सकती है?
यदि दरिद्रता वास्तु दोषों के कारण है, तो यह अवश्य ठीक की जा सकती है, जैसे घर में कलह हो, तो लक्ष्मी नहीं टिकती। लेकिन कभी-कभी दरिद्रता भाग्य में ही अर्थात् जन्मकुण्डली में ही विद्यमान होती है। उसे वास्तु द्वारा दूर नहीं किया जा सकता। यदि घर में वास्तु दोष है, तो क्या बिना तोड़े-फोड़े वास्तु द्वारा दोष का निवारण हो सकता है? वास्तु के कुछ दोष ऐसे होते हैं, जो बिना ऑपरेशन किये, अर्थात् तोड़े-फोड़े ठीक नहीं हो सकते। लेकिन कुछ दोषों में, बिना तोड़े-फोड़े भी अल्पता लायी जा सकती है। लेकिन यदि घर का दालान उल्टा हो, या नैऋत्य में कुआँ हो तो उपाय पूर्ण रूप से कारगर नहीं होते।

क्या दीवारों का रंग बदलने से वास्तु दोष का निवारण होता है?
वास्तु में रंगों का बहुत महत्व है। कई बार यदि ग्रह स्थिति अनुकुल होती है तो वास्तु दोष महसूस नहीं होता है। लेकिन जब ग्रह स्थिति बदलती है तो वास्तु दोष प्रभावी हो जाता है। हर दिशा का अपना स्वामी एवं रंग है। यदि दिशानुसार दीवारों पर रंग कराते हैं तो वे कई प्रकार के वास्तु दोषों को दूर करते हैं। यह इसी प्रकार से है जैसे किसी बड़ी नाव में यदि छेद हो तो आवश्यक नहीं कि डूब जाएंगे। लेकिन यदि बहुत समय तक उसी नाव में बैठ कर यात्रा करते रहें तो एक समय ऐसा आएगा कि नाव डूब जाएगी।

वास्तु का सही अर्थ में यही उपयोग है कि स्थान में आकर्षण हो एवं वायु मंडल शुद्ध हो अत: कोई भी सज्जा वास्तु के अनुरूप होगी तो अवश्य अच्छी लगेगी।
डॉ. विन्द गोयल

Subscribe to NEWS and SPECIAL GIFT ATTRACTIVE

Corporate Consultancy
Jyotish Manthan
International Vastu Academy
Jyotish Praveen